281 CRPF जवानों की मौत पर NHRC का सुओ मोटू संज्ञान, डॉ. एंथनी राजू ने कहा—“हर जवान का जीवन अनमोल”
नई दिल्ली: पिछले पांच वर्षों में 281 CRPF personnel की आत्महत्या से हुई मौतों की जानकारी सामने आने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मामले का सुओ मोटू संज्ञान लिया है। आयोग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और CRPF से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
इस घटनाक्रम को मानवाधिकार के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताते हुए Dr. Anthony Raju, Advocate, Supreme Court of India एवं Chairman, All India Council of Human Rights, Liberties and Social Justice (AICHLS) ने कहा कि देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के जीवन और गरिमा की रक्षा भी संस्थागत जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, “281 मौतें केवल आंकड़े नहीं हैं। इनके पीछे परिवार हैं, बच्चे हैं और ऐसी कहानियां हैं जिन्हें समझना जरूरी है।”
Dr. Raju ने कहा कि प्रत्येक मामले की संवेदनशील समीक्षा होनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि duty conditions, prolonged deployment, family separation, leave, transfers तथा अन्य परिस्थितियों का कहीं कोई प्रभाव तो नहीं रहा।
उन्होंने NHRC की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि अब रिपोर्ट के आधार पर preventive reforms और accountability mechanism विकसित किए जाने चाहिए।
उन्होंने confidential grievance system, timely professional support, family welfare और नियमित personnel-welfare review को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, “उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं है। उद्देश्य सच्चाई जानना और अगली जान बचाना है।”
— Dr. Anthony Raju
Advocate, Supreme Court of India
Chairman, AICHLS

